सबसे अनोखे रिकॉर्ड वाले इस पाकिस्तान खिलाड़ी ने किया संन्यास का ऐलान

नई दिल्ली। पाकिस्तानी स्पिनर सईद अजमल ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। अजमल एक समय वनडे और टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दुनिया के नंबर एक गेंदबाज थे और टेस्ट मैचों में भी काफी सफल थे। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 2012 में तीन टेस्ट मैचों में 24 विकेट लिए थे। लेकिन इसके बाद गेंद को टर्न कराने वाले इस फिरकी गेंदबाज़ के जीवन में भी टर्निंग प्वॉइंट आ गया और ये अर्श से फर्श पर आ गए।

इस वजह से फर्श पर आए अजमल  

2012 में तीन टेस्ट मैचों में 24 विकेट लेने के बाद अजमल के गेंदबाजी एक्शन गैरकानूनी करार दिया गया और उन पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया। उन्होंने बदले हुए एक्शन के साथ 2015 में वापसी की, लेकिन उनकी गेंदबाजी में अब पहले जैसी मारक क्षमता नहीं थी। गेंदबाजी की अनुमति मिलने के बाद उन्होंने बांग्लादेश में दो वनडे और एक टी-20 में सिर्फ एक विकेट लिया।

अजमल के नाम दर्ज़ है ये अनोखा रिकॉर्ड

अजमल ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दौरान 35 टेस्ट में 178 विकेट, 113 वनडे में 184 और 64 टी-20 में 85 विकेट लिए। अजमल ने अपने 113 मैचों के वनडे करियर के दौरान एक भी बार मैन ऑफ द मैच का कोई भी खिताब नहीं जीता। 113 वनडे में मुकाबलों में 184 शिकार करने वाले ऑफ स्पिनर अजमल ने दो बार मैच में पांच विकेट लेने का कमाल भी किया। एक बार तो ये उपलब्धि उन्होंने भारत के खिलाफ हासिल की थी। 6 जनवरी 2013 को अजमल ने 9.4 ओवर में सिर्फ 24 रन देकर पांच भारतीय बल्लेबाज़ों को आउट किया था। लेकिन उस मैच में सिर्फ 36 रन बनाने वाले धौनी को मैन ऑफ द मैच का खिताब मिला था और अजमल एक बार फिर उस खिताब को अपने नाम करने से चूक गए थे। वो दुनिया के पहले ऐसे खिलाड़ी होंगे जो 100 से भी ज़्यादा एकदिवसीय मैच खेलने के बाद भी कोई भी मैन ऑफ द मैच का खिताब अपने नाम नहीं कर सके।

मैन ऑफ द सीरीज़ जीत चुके हैं अजमल

सईद अजमल के नाम भले ही कोई मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड न हो, लेकिन वो एक बार मैन ऑफ द सीरीज़ का खिताब जीत चुके हैं। लेकिन अजमल जैसे प्रतिभाशाली गेंदबाज़ को वनडे क्रिकेट में एक भी मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड न होने की टीस तो हमेशा रहेगी ही।

संन्यास लेते हुए बोली ये बात

अजमल ने कहा कि पिछले दो साल उनके लिए निराशाजनक रहे। उन्होंने कहा, ‘एक्शन को लेकर प्रतिबंध से मैं काफी निराश और आहत था। सबसे ज्यादा पीड़ा इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड की टिप्पणी से हुई, जिसमें उन्होंने मुझ पर सवाल उठाया, लेकिन मैंने सभी को माफ कर दिया।

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